बिहार में संगठन का विस्तार करेगी शिवसेना, पटना पहुंचे संजय निरुपम ने कहा हम NDA का हिस्सा

मंत्री - विधायक बनने के लिए शैक्षणिक योग्यता नहीं जन सरोकार की जरूरी। अयोध्या राम मंदिर में चोरी की घटना देश के करोड़ों हिंदुओं के साथ विश्वासघात। एनडीए में रहकर बिहार में संगठन का विस्तार करेगी शिवसेना: संजय निरुपम 

पटना: शिवसेना शिंदे गुट के वरिष्ठ नेता पूर्व सांसद संजय निरुपम ने कहा कि मंत्री, मुख्यमंत्री या विधायक बनने के लिए शैक्षणिक योग्यता की नहीं , बल्कि जनता का समर्थन और जनसरोकार जरुरी है। संजय निरुपम सोमवार को राजधानी पटना में पत्रकारों से बात कर रहे थे। निरूपम का पटना पहुंचने पर सम्राट अशोक फाउंडेशन के अध्यक्ष निरंजन पप्पू सहित कई नेताओं ने फूलमाला पुष्प गुच्छ एवं साल देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि देश में बाला साहब ठाकरे के हिंदूवादी सिद्धांत को मानने वाले लोगों की संख्या बढ़ रही है और शिवसेना को चाहने वाले महाराष्ट्र ही नहीं बल्कि पूरे देश में लोग हैं। इसलिए उनकी पार्टी एनडीए में रहकर बिहार में अपना संगठन का विस्तार करेगी। बांकीपुर उपचुनाव के बारे में प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि बांकीपुर बरसों से भाजपा का गढ़ रहा है और यहां भाजपा के उम्मीदवार फिर से जीत हासिल करेंगे।

उन्होंने प्रशांत किशोर पर तंज कसते हुए कहा कि पिछले आम चुनाव में भी उन्होंने बिहार के सभी सीटों पर लड़ने की घोषणा की थी मगर उनके उम्मीदवार का सभी सीटों पर जमानत जप्त हुआ था। इस बार हम चाहेंगे कि वह अगर मैदान में उतरे हैं तो उनका जमानत जप्त नहीं हो। संजय निरुपम ने कहा कि अयोध्या में भगवान राम के जन्म स्थान पर मंदिर बना है इसमें किसी व्यक्ति का योगदान नहीं बल्कि यह पूरे देश के हिंदुओं की मांग थी। पूरे देश के हिंदुओं का सपना था और कई पीढियां कि उसे पर नजर थी तब यह मंदिर निर्माण हुआ है।

उन्होंने कहा पीएम के नेतृत्व में इस मंदिर का निर्माण होना गर्व की बात है। निरुपम ने कहा चढ़ने के पैसे का चोरी आस्था व श्रद्धा के खिलाफ है। उत्तर प्रदेश की सरकार की ओर से इस मामले में सीट की घोषणा हुई है जिसकी जांच चल रही है। जब तक चोरी करने वाले लोगों को सजा नहीं मिलेगी तब तक राम भक्तों को न्याय नहीं मिलेगा सरकार को यह पाप धोना पड़ेगा। निरुपम ने ममता बनर्जी के बारे में कहा कि ममता बनर्जी अभी-अभी चुनाव हारी हैं उनके अपने लोग उनको छोड़कर उनके कारनामे को उजागर कर रहे हैं उनके भतीजे अभिषेक अभिषेक बनर्जी को तानाशाह बढ़कर एमपी एमएलए दूसरे दल की ओर जा रहे हैं। इसलिए अभी के समय में ममता बनर्जी को विपक्ष पर का टीका टिप्पणी की जगह आत्म चिंतन करना चाहिए।

उन्होंने उद्धव ठाकरे पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उद्धव ठाकरे और उनके बेटे ने कांग्रेस के साथ गठबंधन कर बहुत बड़ा पाप किया और बालासाहेब ठाकरे के सिद्धांत के साथ विश्वास घात किया है और इसी विश्वास घात के चलते उनके एमपी नाराज होकर उनसे अलग हुए हैं।

  

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