सारण शिक्षक सीट पर बड़ा उलटफेर, निर्दलीय राहुल राज ने NDA प्रत्याशी को 283 वोटों से दी शिकस्त

सारण: बिहार विधान परिषद चुनाव के नतीजों में सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। भाजपा के बागी निर्दलीय प्रत्याशी डॉ. राहुल राज ने दूसरी वरीयता के मतों की गिनती के बाद एनडीए उम्मीदवार आनंद पुष्कर को 283 वोटों से पराजित कर दिया। इस जीत के साथ ही उन्होंने शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनावी मुकाबले में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई।

दूसरी वरीयता की गिनती में बदला मुकाबला

सारण शिक्षक सीट पर शुरुआती मतगणना में भी प्रत्याशियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। प्रथम वरीयता के मतों की गिनती में डॉ. राहुल राज को 2,723 वोट मिले। वहीं, एनडीए उम्मीदवार आनंद पुष्कर को 2,440 मत प्राप्त हुए। जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी और निवर्तमान एमएलसी अफाक अहमद 1,999 वोटों के साथ मुकाबले में थे। हालांकि, चुनाव का अंतिम परिणाम दूसरी वरीयता के मतों की गिनती के बाद तय हुआ। मतगणना के एलिमिनेशन राउंड में अफाक अहमद के बाहर होने के बाद मुकाबले की तस्वीर बदली और अंततः डॉ. राहुल राज ने 283 मतों के अंतर से जीत हासिल की।

समर्थकों ने मनाया जीत का जश्न

नतीजे सामने आने के बाद राहुल राज के समर्थकों में उत्साह देखने को मिला। समर्थकों ने आतिशबाजी और ढोल-नगाड़ों के साथ अपनी खुशी जाहिर की। दूसरी ओर, एनडीए प्रत्याशी आनंद पुष्कर मतगणना केंद्र से बिना कोई प्रतिक्रिया दिए बाहर निकल गए। इस चुनाव परिणाम को सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तौर पर देखा जा रहा है।

शिक्षकों के समर्थन को दिया जीत का श्रेय

जीत के बाद डॉ. राहुल राज ने अपनी सफलता का श्रेय शिक्षकों के समर्थन और उनके विश्वास को दिया। उन्होंने कहा कि उनके साथ जुड़े लोग केवल चुनाव प्रचार करने वाले कार्यकर्ता नहीं थे, बल्कि शिक्षक और मतदाता थे, जिन्होंने पूरी निष्ठा के साथ उनका साथ दिया। राहुल राज ने शिक्षकों की लंबित मांगों को आगे बढ़ाने का भरोसा भी जताया। उन्होंने सातवें वेतन आयोग के अनुरूप वेतन दिलाने और वित्त रहित शिक्षकों को अनुदान के बजाय वेतनमान उपलब्ध कराने जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की बात कही।

शिक्षकों की मांगों पर रहेंगी निगाहें

सारण शिक्षक सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी की जीत के बाद अब शिक्षकों की लंबित मांगों को लेकर उनकी भूमिका पर नजर रहेगी। खासकर वेतनमान, वेतन आयोग के अनुरूप भुगतान और वित्त रहित शिक्षकों से जुड़े मुद्दे आने वाले समय में महत्वपूर्ण रह सकते हैं। डॉ राहुल राज ने शिक्षकों के हितों के लिए आवाज उठाने का जो भरोसा दिया है, उस पर अब उनके समर्थकों और शिक्षक समुदाय की निगाहें रहेंगी।

  

Related Articles

Post a comment