वैध परमिट के बावजूद जेसीबी रोकने पर चार घंटे तक हंगामा, बिना मशीन के लौटी प्रशासनिक टीम

राजस्व जमा, परमिट में दर्ज था जेसीबी नंबर; 15 जून तक ही है खनन की अनुमति

कटिहार: कटिहार के बरारी प्रखंड क्षेत्र के मोलानाचक गांव में शनिवार को वैध खनन परमिट के बावजूद जेसीबी मशीन को रोकने को लेकर ग्रामीणों और प्रशासन के बीच करीब चार घंटे तक विवाद की स्थिति बनी रही। लंबे प्रयास और समझाइश के बावजूद प्रशासनिक टीम जेसीबी मशीन को अपने कब्जे में नहीं ले सकी और अंततः बिना मशीन के ही वापस लौटना पड़ा। जानकारी के अनुसार संबंधित खनन कार्य के लिए विभागीय अनुमति जारी की गई थी। खनन के एवज में सरकारी राजस्व भी जमा किया जा चुका था तथा जारी परमिट में जेसीबी मशीन का नंबर भी अंकित था। इसके बावजूद प्रशासनिक टीम द्वारा मशीन को रोककर थाना ले जाकर कागजातों की जांच करने की प्रक्रिया शुरू की गई, जिसका ग्रामीणों ने विरोध किया।

ग्रामीणों का कहना था कि खनन की अनुमति 15 जून तक ही वैध है। ऐसे में यदि जेसीबी मशीन को थाना ले जाया जाता तो कागजी प्रक्रिया पूरी होने में ही शेष अवधि समाप्त हो सकती थी, जिससे स्वीकृत खनन कार्य प्रभावित होता। मामले की सूचना मिलने पर अनुमंडल पदाधिकारी के निर्देश पर अंचलाधिकारी मनीष कुमार, थाना अधिकारी अमन कुमार, खनन पदाधिकारी सौरव कुमार तथा खनन निरीक्षक केशव कुमार मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रित करने और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण लगातार यह सवाल उठाते रहे कि जब सभी आवश्यक दस्तावेज पहले से उपलब्ध हैं तो मशीन को थाना ले जाने की आवश्यकता क्यों है।

ग्रामीणों ने तर्क दिया कि परमिट, राजस्व भुगतान रसीद और मशीन का विवरण पहले से विभागीय अभिलेखों में उपलब्ध है। ऐसे में कागजातों का सत्यापन स्थल पर ही किया जा सकता था। उनका आरोप था कि वैध अनुमति के बावजूद मशीन को रोकने की कार्रवाई से अनावश्यक विवाद उत्पन्न हुआ। वहीं खनन निरीक्षक केशव कुमार ने बताया कि उन्हें अनुमंडल पदाधिकारी का निर्देश प्राप्त हुआ था। उन्होंने कहा कि एसडीएम के आदेश के अनुपालन में जेसीबी को थाना ले जाकर कागजातों की जांच की जानी थी। जांच में सभी दस्तावेज सही पाए जाने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  

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