मदरसा में शिक्षक नियुक्ति पर शुरू हुआ विवाद बदला खूनी जंग में, जम कर चले लाठी डंडे

कटिहार: कटिहार के बरारी प्रखंड के सिमराहा कान्तनगर स्थित मदरसा इस्लाहुल मुस्लिमीन (मदरसा संख्या-853) में शिक्षक बहाली को लेकर शनिवार को जमकर बवाल हो गया। हाफिज एवं इंटर शिक्षक पद पर हुई नियुक्ति के विरोध में शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गया। दो पक्षों के बीच हुई मारपीट, लाठी-डंडे और ईंट-पत्थर चलने से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना में एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए, जिनमें कई के सिर फटने और गंभीर चोट लगने की सूचना है।

जानकारी के अनुसार हाल ही में मदरसा में हाफिज एवं इंटर शिक्षक पद पर दो लोगों की नियुक्ति की गई थी। बहाली प्रक्रिया को लेकर कुछ ग्रामीणों ने सवाल उठाते हुए विरोध शुरू किया था। शनिवार को विवाद उस समय और भड़क गया जब कुछ लोग मदरसा परिसर पहुंच गए और वहां मौजूद हाफिज मुशर्रफ के साथ कथित रूप से मारपीट की गई। इस घटना के बाद दोनों पक्षों के समर्थक आमने-सामने आ गए और देखते ही देखते पूरा परिसर रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पहले कहासुनी हुई, फिर धक्का-मुक्की शुरू हो गई और बाद में दोनों पक्षों के बीच जमकर लाठी-डंडे चलने लगे। संघर्ष इतना उग्र था कि लोगों में भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। आसपास के ग्रामीणों ने किसी तरह बीच-बचाव का प्रयास किया, लेकिन स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई।

कई लोग घायल, अस्पताल में चल रहा इलाज

हिंसक झड़प में फैयाज आलम गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके सिर में गंभीर चोट आई है। उनके पिता मो. अलाउद्दीन के साथ भी मारपीट की गई। इसके अलावा तौहीद, राजा, शरीफुल, आरिफ, यूनुस, उमर अली, नजमुल, मो शौकत और मो वसीम सहित कई लोग घायल हुए हैं। बताया जा रहा है कि मो. वसीम के सिर में भी गंभीर चोट लगी है। घटना के बाद सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरारी पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। कुछ घायलों की स्थिति गंभीर होने के कारण चिकित्सकों की विशेष निगरानी में रखा गया है।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई से टला बड़ा हादसा

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया। बरारी थानाध्यक्ष सुमेश कुमार, कोढ़ा इंस्पेक्टर साजिद आलम तथा डीएसपी सुशील कुमार शर्मा पुलिस बल के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने काफी मशक्कत के बाद उग्र भीड़ को शांत कराया और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस के पहुंचने तक माहौल बेहद तनावपूर्ण बना हुआ था। अधिकारियों ने दोनों पक्षों को समझाकर स्थिति सामान्य करने का प्रयास किया तथा इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया।

मदरसा परिसर बना पुलिस छावनी

घटना के बाद मदरसा परिसर और आसपास का इलाका पुलिस छावनी में तब्दील हो गया है। किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए पुलिस लगातार गश्त कर रही है। संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी गई है और क्षेत्र की गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है।

वीडियो फुटेज खंगाल रही पुलिस, उपद्रवियों की पहचान शुरू

पुलिस अब घटना के दौरान बनाए गए वीडियो और मोबाइल फुटेज की जांच कर रही है। सूत्रों के अनुसार कई वीडियो पुलिस के हाथ लगे हैं, जिनमें मारपीट और हंगामा करने वाले लोग दिखाई दे रहे हैं। जांच टीम वीडियो के आधार पर उपद्रवियों की पहचान करने में जुटी हुई है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि विवाद की शुरुआत किसने की और हिंसा भड़काने में किन लोगों की भूमिका रही। अधिकारियों का मानना है कि वीडियो फुटेज से पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आएगी और दोषियों की पहचान आसान होगी।

दोनों पक्षों से आवेदन की तैयारी

घटना के बाद दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। जानकारी के अनुसार दोनों पक्षों की ओर से थाना में आवेदन देने की तैयारी चल रही है। पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है और आवेदन मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। थानाध्यक्ष सुमेश कुमार ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। वीडियो फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर दोषियों की पहचान कर उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की।

बहाली विवाद से हिंसा तक

स्थानीय लोगों का कहना है कि शिक्षक बहाली को लेकर पिछले कुछ दिनों से असंतोष का माहौल था। शनिवार को यह विवाद पहले विरोध और फिर मदरसा परिसर में हुई मारपीट के बाद हिंसक संघर्ष में बदल गया। फिलहाल पूरे मामले पर प्रशासन की नजर बनी हुई है और अब सभी की निगाह पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी है।

  

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