मद्य निषेध विभाग का कर्मी माफियाओं से सांठगांठ कर पास करवाता था शराब की गाड़ियां, पूर्णिया में दो गिरफ्तार

पूर्णिया: बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून लागू है और इसकी घोषणा करते वक्त तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसे प्रभावी बनाने की जिम्मेदारी राज्य की पुलिस और मद्य निषेध विभाग को दी थी। हालांकि दोनों विभाग अपनी जिम्मेदारी निभा भी रही हैं लेकिन इसमें कुछ ऐसे भी लोग हैं जो अपनी जेब गर्म करने के लिए सारे नियमों को ताक पर रख कर अवैध कारोबारियों की मदद करने के लिए आगे आते रहते हैं। ऐसा ही मामला सामने आया है पूर्णिया से जहां अवैध शराब कारोबारी और माफियाओं को मद्य निषेध की टीम के द्वारा मदद दिए जाने की बात सामने आई है। हालांकि मामले की जानकारी मिलते ही जिला के एसएसपी डॉ शौर्य सुमन ने बड़ी कार्रवाई की और मद्य निषेध विभाग के एक कर्मी समेत दो लोगों को गिरफ्तार करवा लिया।

मामला जिले के दालकोला चेकपोस्ट का है जहां मद्य निषेध विभाग के कर्मियों की मिलीभगत से शराब माफियाओं की गाड़ी पास कराए जाने का एक मामला सामने आया था। मामले की जानकारी मिलते ही एसएसपी शौर्य सुमन ने एक टीम गठित की। गठित टीम ने मामले की जांच करते हुए बायसी थानांतर्गत बायसी दुर्गा मंदिर के समीप छापेमारी कर एक पिकअप पर लदे 54 पेटी में करीब 590 लीटर शराब के साथ चालक कटिहार निवासी मो हुसैन और दालकोला चेकपोस्ट पर मद्य निषेध विभाग की तरफ से स्कैनर मशीन चलाने वाला कर्मी सारण निवासी रंजन कुमार को गिरफ्तार कर लिया।

फिलहाल पुलिस मामले में दोनों से पूछताछ कर आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है। वहीं मद्य निषेध विभाग के कर्मी की गिरफ्तारी के बाद अब सवाल उठने लगा है कि जब जिम्मेदार लोग इस तरह से माफियाओं की मदद करेंगे तो फिर शराबबंदी कानून को प्रभावी कौन बनाएगा।

  

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