मुजफ्फरपुर में सहयोग शिविर में पहुंचे जिला के प्रभारी सचिव, कहा 'घर बैठे होगा समस्या का समाधान'
- by Manjesh Kumar
- 16-Jun-2026
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मुजफ्फरपुर: जिले में आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी समाधान के निमित्त 16 जून को 23 स्थलों पर आयोजित “सहयोग शिविर” लोगों के बीच भरोसे का माध्यम बना। इसी क्रम में जल संसाधन विभाग के सचिव -सह- जिला प्रभारी सचिव डॉ चंद्रशेखर सिंह ने जिले के मुशहरी, बोचहा प्रखंड अंतर्गत पंचायत क्रमश: बडा जग्रनाथ, नरकटिया, तथा बोचहा प्रखंड परिसर में आयोजित प्रखंड सहयोग सह जन कल्याण शिविर का निरीक्षण किया तथा विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉल पर प्राप्त आवेदन, निष्पादन की गुणवत्ता, पंजी संधारण, तथा लाभुकों को दी जा रही सेवाओं की जानकारी प्राप्त की। साथ ही मौके पर उपस्थित आम नागरिकों से भी फीडबैक प्राप्त किया। बड़ा जगन्नाथ स्थित पंचायत भवन में आयोजित शिविर में कुल 477 आवेदन प्राप्त हुए जिसमें 95 मामले का निष्पादन ऑन स्पॉट किया गया तथा 382 मामले शेष हैं।
वहीं दूसरी ओर प्रखंड परिसर बोचहा मे आयोजित प्रखंड सहयोग सह जन कल्याण शिविर में कुल 120 आवेदन प्राप्त हुए जिसमें 25 का ऑन स्पॉट निष्पादन किया गया तथा 95 आवेदन शेष हैं। बोचहा प्रखंड के पंचायत भवन नरकटिया मे आयोजित शिविर में 152 आवेदन प्राप्त हुए जिसमें 62 निष्पादित तथा 90 आवेदन शेष रहे। प्रभारी सचिव ने जिला पदाधिकारी को शेष सभी आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण निष्पादन कर आवेदक को अवगत कराने का निर्देश दिया। शिविर में मूलत: राजस्व विभाग, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छता, मनरेगा, जीविका, सामाजिक सुरक्षा, आपूर्ति विभाग, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, कृषि विभाग, श्रम विभाग, सहकारिता विभाग, कल्याण विभाग, पंचायती राज, आईसीडीएस पीएचईडी, विद्युत एवं अन्य योजनाओं से संबंधित स्टाल लगाये गये।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकार केवल आवेदन प्राप्त करने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि प्रत्येक शिकायत का वास्तविक और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि सहयोग शिविर के द्वारा प्रशासन जनता के द्वार पर जाकर उनकी समस्याएं सुन रही हैं तथा उसका निवारण कर रही है। उन्होंने लोगों की समस्याओं के वास्तविक निवारण की आवश्यकता पर बल दिया।
प्रभारी सचिव ने शिकायतकर्ताओं एवं लाभार्थियों से भी सीधा संवाद किया और उनसे फीडबैक प्राप्त किया। ग्रामीणों ने सरकार की इस पहल की खुले मन से सराहना की। लोगों ने कहा कि पहली बार प्रशासन स्वयं गांव तक पहुंचकर उनकी समस्याएं सुन रही है और त्वरित समाधान भी कर रही है। शिविर में वरीय अधिकारियों की मौजूदगी से लोगों में विश्वास बढ़ा है और उन्हें यह महसूस हो रहा है कि उनकी शिकायतों को गंभीरता से लिया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना था कि पहले छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए प्रखंड एवं जिला कार्यालयों का कई बार चक्कर लगाना पड़ता था, लेकिन अब उनके दरवाजे पर ही सुनवाई और समाधान दोनों हो रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिविर में प्राप्त आवेदनों का 30 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से निष्पादन किया जाए। निर्धारित समयसीमा का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध नियमसंगत कार्रवाई की जाएग. उन्होंने कहा कि सहयोग शिविर सरकार की महत्वाकांक्षी पहल है, जिसका उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक संवेदनशील, जवाबदेह और जनकेंद्रित बनाना है।
19 मई से प्रत्येक माह के प्रथम एवं तीसरे मंगलवार को आयोजित सहयोग शिविर में अब तक 16540 आवेदन प्राप्त हुए हैं जिसमें से 14489 मामलों का निष्पादन किया गया है तथा 897 आवेदन नियमानुसार स्पष्ट नहीं रहने के कारण अस्वीकृत किया गया है। 30 जून को 23 पंचायत में, 7 जुलाई को 47 पंचायत में, 21 जुलाई को 47 पंचायत में, 11 अगस्त को 47 पंचायत में, 25 अगस्त को 47 पंचायत में, 8 सितंबर को 47 पंचायत में, 22 सितंबर को 46 पंचायत में शिविर आयोजित किए जाएंगे।
मुजफ्फरपुर से रूपेश कुमार की रिपोर्ट


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