500 से अधिक वर्षों के संघर्ष, लाखों रामभक्तों के त्याग-बलिदान का प्रतिफल है श्रीराम जन्मभूमि मंदिर: आशीष गोस्वामी
- by Manjesh Kumar
- 05-Aug-2026
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पूर्णिया: विश्व हिंदू युवा वाहिनी संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष आशीष गोस्वामी ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के ऐतिहासिक भूमि पूजन की छठी वर्षगांठ पर देश के समस्त सनातनियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि 5 अगस्त सनातन समाज के लिए गौरव, आस्था और इतिहास का स्वर्णिम दिवस है। लगभग 500 से अधिक वर्षों के संघर्ष, लाखों रामभक्तों, संतों एवं कारसेवकों के त्याग, तपस्या और बलिदान के उपरांत 5 अगस्त 2020 को अयोध्या धाम में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर का भूमि पूजन संपन्न हुआ था। वह ऐतिहासिक क्षण केवल एक भव्य मंदिर के निर्माण की आधारशिला भर नहीं था, बल्कि देश के समस्त सनातनियों के संघर्ष, आस्था, धैर्य और अटूट संकल्प की ऐतिहासिक विजय का भी प्रतीक था। 5 अगस्त का वह पावन दिवस भारत की सनातन सांस्कृतिक चेतना, आध्यात्मिक विरासत और राष्ट्रीय स्वाभिमान के पुनर्जागरण के स्वर्णिम अध्याय के रूप में इतिहास में सदैव स्मरणीय रहेगा।
राष्ट्रीय अध्यक्ष आशीष गोस्वामी ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम सनातन धर्म की आस्था, सत्य, धर्म, न्याय, त्याग, करुणा और लोककल्याण के सर्वोच्च आदर्श हैं। उनके दिव्य आदर्श एवं जीवन-दर्शन सदैव समस्त सनातन समाज का मार्गदर्शन करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर सनातन आस्था, भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक चेतना और राष्ट्रीय गौरव का भव्य प्रतीक है। यह मंदिर आने वाली पीढ़ियों के लिए सनातन धर्म, आस्था, गौरव, भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत का अमूल्य प्रेरणास्रोत है तथा भारत की सनातन सभ्यता की गौरवशाली पहचान को सशक्त रूप से अभिव्यक्त करता है।
अंत में उन्होंने मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम के श्रीचरणों में प्रार्थना करते हुए कहा कि उनकी असीम कृपा देश के समस्त सनातनियों पर सदैव बनी रहे तथा प्रत्येक परिवार के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और धर्म के प्रति अटूट आस्था का वास हो।


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