सिविल सेवा परीक्षा-2025 में सफल बिहार के युवाओं ने बढ़ाया राज्य का गौरव, विकसित बिहार के निर्माण में नई पीढ़ी की भूमिका सबसे अहम: मुख्यमंत्री

पटना: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को लोक सेवक आवास के 'संकल्प' सभागार में सिविल सेवा परीक्षा-2025 में सफल बिहार के अभ्यर्थियों से मुलाकात एवं संवाद किया। मुख्यमंत्री ने सभी सफल अभ्यर्थियों को उनकी उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिविल सेवा जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में बिहार के युवाओं की सफलता पूरे राज्य के लिए गौरव का विषय है। बिहार के युवाओं ने अपनी प्रतिभा, कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प के बल पर राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का मान बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि बिहार के लोग जितना आगे बढ़ेंगे, राज्य में उतनी ही समृद्धि आएगी।

मुख्यमंत्री ने सफल अभ्यर्थियों से मातृभूमि के प्रति अपने दायित्व को सदैव याद रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आप देश में कहीं भी रहें और किसी भी स्थान पर अपनी सेवाएं दें, बिहार की चिंता जरूर करें। अपनी जन्मभूमि का ऋण चुकाना हम सभी का दायित्व है। उन्होंने कहा कि बिहार के विकास को अभी और गति देनी है और इसमें नई पीढ़ी का योगदान सबसे अहम होगा। सिविल सेवाओं में चयनित बिहार के युवा अपनी प्रतिभा, अनुभव और प्रशासनिक क्षमता से राष्ट्र निर्माण के साथ-साथ बिहार के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने राज्य में शिक्षा के विस्तार और गुणवत्ता सुधार के लिए किए जा रहे प्रयासों की चर्चा करते हुए कहा कि सभी प्रखंडों के डिग्री कॉलेजों में पढ़ाई की व्यवस्था की जा रही है। इससे विद्यार्थियों को अपने क्षेत्र के निकट उच्च शिक्षा का अवसर मिलेगा और राज्य में शिक्षा एवं विकास का सकारात्मक वातावरण तैयार होगा। उन्होंने कहा कि स्कूली शिक्षा को भी आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण बनाया जा रहा है। मॉडल स्कूल, लाइव क्लासेस तथा NEET और JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। विद्यार्थियों को 24 घंटे ऑनलाइन शिक्षण एवं मार्गदर्शन की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में भी पहल की जा रही है, ताकि बिहार के छात्रों को आगे बढ़ने के लिए बेहतर अवसर मिल सकें।

मुख्यमंत्री ने बिहार के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत अत्यंत समृद्ध रही है। नई पीढ़ी को इस गौरवशाली विरासत से प्रेरणा लेते हुए आधुनिक और विकसित बिहार के निर्माण में अपना योगदान देना चाहिए। राज्य की विकास संभावनाओं पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नेपाल से बिहार में आने वाले जल का बेहतर प्रबंधन कर उसका सिंचाई और कृषि के विकास में प्रभावी उपयोग किया जाना चाहिए। बिहार की बड़ी आबादी और उच्च जनसंख्या घनत्व को भी आर्थिक अवसर के रूप में देखने की आवश्यकता है। GST लागू होने के बाद बड़े उपभोक्ता बाजार के रूप में बिहार को इसका लाभ मिला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार को अब परंपरागत क्षेत्रों के साथ उद्योग, सूचना प्रौद्योगिकी (IT), आधुनिक टाउनशिप और अन्य उभरते क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देना होगा। इन क्षेत्रों के विकास से निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे तथा राज्य की अर्थव्यवस्था को और गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने सभी सफल अभ्यर्थियों से ईमानदारी, संवेदनशीलता और सेवाभाव के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने सभी सफल अभ्यर्थियों को पुनः हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

  

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