पुलिस का डर नहीं या मिलीभगत? पूर्णिया में फिर सर उठाने लगा देह व्यापार, चोरी और अन्य आपराधिक घटनाएं...
- by Manjesh Kumar
- 11-Jun-2026
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पूर्णिया: पूर्णिया में आपराधिक घटनाओं के साथ ही अन्य कई तरह का गोरखधंधा पुलिस की कार्रवाई के बावजूद खत्म नहीं हो रहा है। पुलिस पुलिस कार्रवाई करती भी है तो कुछ दिनों तक गोरखधंधा बंद तो रहता है फिर पहले की तरह बदस्तूर शुरू हो जाता है। इसके बाद अब स्थानीय पुलिस और प्रशासन पर भी सवाल उठने लगा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नशा का कारोबार हो या देह व्यापार किसी व्हाइट कॉलर वाले का संरक्षण प्राप्त है तभी तो पुलिस से डरे बिना माफिया निडर हो कर अपना गोरखधंधा कर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने कहा कि एक तरफ शहर में वाहन चोरों का तांडव इस तरह से जारी है कि लोग 1 मिनट के लिए भी अपने वाहन मुश्किल से कहीं छोड़ पाते हैं। इसके साथ ही शहर में अवैध रूप से चल रहे रेड लाइट एरिया में भी देह व्यापार खुले आम चल रहा है। शराब और अन्य नशा का कारोबार पूरे राज्य में जोरों पर है।
पुलिस करती है कार्रवाई लेकिन माफियाओं पर नहीं होता है असर
स्थानीय लोगों ने कहा कि शहर के गुलाब बाग - कटिहार मोड़ - मरंगा क्षेत्र के रेड लाइट एरिया में खुलेआम देह व्यापार किया जाता है। इन क्षेत्रों में पुलिस कार्रवाई करती है तो कुछ दिनों तक सब कुछ सामान्य रहता है लेकिन फिर से माफिया अपने कारनामे में जुट जाते हैं। लोगों ने कहा कि बीते 21 अप्रैल को पुलिस ने गुलाबबाग इलाके में छापेमारी कर 16 महिलाओं और 6 पुरुष की गिरफ्तार किया था। कार्रवाई के बाद कुछ दिनों तक इलाके में भय का माहौल जरूर दिखा, लेकिन समय बीतते ही हालात फिर पुराने ढर्रे पर लौट आए। अब स्थानीय लोगों ने इस मामले में किसी रसूखदार का हाथ होने का आरोप लगा हैं और सवाल कर रहे हैं कि कार्रवाई के बाद यह गोरखधंधा दोबारा कैसे शुरू हो जाता है? आखिर इसके पीछे किसी की मिलीभगत तो नहीं?
आपराधिक घटनाएं हो गई हैं आम
इसके साथ ही लोगों ने शहर और जिले में लगातार घट रही आपराधिक घटनाओं पर भी सवाल उठाया और कहा कि जिले में तमाम सुरक्षा इंतजामों को धता बताते हुए लूट, छिनतई, चोरी और झपटमारी की घटनाएं आम हो चुकी हैं। हैरानी की बात यह है कि पुलिस गश्ती और पांच दर्जन से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगे होने के बावजूद बाइक चोरी की घटनाओं में लगातार इजाफा हो रहा है। जानकार सूत्रों के अनुसार, पिछले एक महीने में ढाई दर्जन से अधिक बाइक चोरी की घटनाएं सामने आई हैं। बाइक चोरी में सबसे अधिक प्रभावित इलाके मरंगा, सदर, के हाट, सहायक खजांची थाना क्षेत्र के लाइन बाजार, कटिहार मोड़ और मधुबनी बाजार हैं। स्थिति यह है कि लोग अब सार्वजनिक स्थानों पर वाहन खड़ा करने से डरने लगे हैं। हर समय यह चिंता बनी रहती है कि कहीं पलक झपकते ही वाहन गायब न हो जाए। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि पुलिस अधिकारी और कर्मियों की सुस्ती और लापरवाही के कारण वाहन चोरी पर लगाम नहीं लग पा रहा है।
बिना चढ़ावा नहीं होता कोई काम
लोगों का यह भी कहना है कि कई थानों में बिना “चढ़ावा”के काम नहीं होता है। आम नागरिक से पुलिस सीधे मुंह बात तक करती, जो भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहा और कानून-व्यवस्था पर जनता भरोसा कमजोर कर है। लोगों ने सवाल उठाया आखिर अवैध देह व्यापार संरक्षण कौन है? चोरी अपराध नियंत्रण लिए ठोस कार्रवाई कब होगी? जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय क्यों जा रही? शहर शांति सुरक्षा इन सवालों जवाब उच्चस्तरीय जांच अब जरूरी हो चुकी है।


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