महारानी ढाला अंडरपास में जलभराव से बढ़ी मुश्किलें, 10 हजार की आबादी प्रभावित

कटिहार: कटिहार के बरारी प्रखंड क्षेत्र के महारानी ढाला स्थित रेलवे के एलएस- 4सी अंडरपास में बारिश का पानी जमा रहने से स्थानीय लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण अंडरपास लंबे समय तक जलमग्न रहता है, जिससे पैदल राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि कुड़िया गांव को सेमापुर से जोड़ने वाला यह मार्ग करीब 10 हजार की आबादी के लिए आवागमन का प्रमुख संपर्क मार्ग है। इसी रास्ते से कुड़िया बक्किकोल स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय के सैकड़ों छात्र-छात्राएं प्रतिदिन विद्यालय आते-जाते हैं। अंडरपास में जलभराव के कारण बच्चों को पानी के बीच होकर गुजरना पड़ रहा है, जिससे अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रत्येक वर्ष बरसात के मौसम में अंडरपास जलमग्न हो जाता है। कई दिनों तक पानी की निकासी नहीं होने से स्थिति गंभीर बनी रहती है और लोगों को जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ता है। ग्रामीणों का आरोप है कि समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो सका है। रौनिया पंचायत के सरपंच अमित कुमार यादव ने रेलवे के वरीय अधिकारियों एवं जिला पदाधिकारी से हस्तक्षेप कर अंडरपास में जल निकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि हर वर्ष जलभराव के कारण हजारों ग्रामीणों के साथ-साथ स्कूली बच्चों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

प्रभारी मुखिया छोटेलाल मरांडी, सचिन, नारायण साह एवं सुबोध साह सहित अन्य ग्रामीणों ने भी प्रशासन से शीघ्र जल निकासी की समुचित व्यवस्था कराने और समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है।

  

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