छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं हुए तो कांग्रेस करेगी देशव्यापी आंदोलन- विधायक कमरुल होदा
- by Manjesh Kumar
- 01-Aug-2026
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भागलपुर: किशनगंज के कांग्रेस विधायक कमरुल होदा ने भागलपुर के सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता में केंद्र और बिहार सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने तथा आंदोलनकारियों के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के निर्देश पर एक टीम पूरे बिहार का दौरा कर छात्र आंदोलन की जमीनी हकीकत जान रही है। इस टीम में वे स्वयं राष्ट्रीय नेतृत्व के प्रतिनिधि के रूप में भागलपुर पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि 20 जून से दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के विरोध में शुरू हुआ।
छात्र आंदोलन पूरे देश की आवाज बन गया। इस आंदोलन में देश के विभिन्न राज्यों और जिलों से छात्र-युवा जुड़े। उन्होंने कहा कि पेपर लीक केवल परीक्षा की गड़बड़ी नहीं, बल्कि लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों के सपनों पर चोट है। गरीब परिवार अपने बच्चों को डॉक्टर, इंजीनियर, आईएएस और आईपीएस बनाने के लिए वर्षों तक मेहनत और त्याग करते हैं। माता-पिता अपना पेट काटकर बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाते हैं, लेकिन जब परीक्षा का पेपर लीक हो जाता है तो उनके सारे सपने बिखर जाते हैं। कमरुल होदा ने कहा कि छात्रों और युवाओं की इसी आवाज ने केंद्र सरकार को झुकने पर मजबूर किया और तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस शुरू से ही छात्रों के साथ खड़ी रही है पार्टी के शीर्ष नेता राहुल गांधी लगातार संसद और सड़क दोनों जगह छात्रों की आवाज उठाते रहे कांग्रेस की मांग थी कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों की बात सुनी जाए और संसद में इस मुद्दे पर गंभीर चर्चा कर समाधान निकाला जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने के बावजूद कांग्रेस नेताओं के साथ अभद्र व्यवहार किया गया। राहुल गांधी और सोनिया गांधी के साथ धक्का-मुक्की की गई, किशनगंज के सांसद मोहम्मद जावेद पर लाठीचार्ज किया गया तथा उन्हें हिरासत में लिया गया।
उन्होंने कहा कि विपक्ष की आवाज सुनने के बजाय सरकार ने दमन का रास्ता अपना रही है। 24 जून को पटना स्थित बिहार प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पर भाजपा समर्थकों द्वारा हमला किया गया। कार्यालय में मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की गई, जिसमें कई लोग घायल हुए उस समय विधानसभा का सत्र चल रहा था। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने घटना की जानकारी दी, जिसके बाद कांग्रेस विधायक तत्काल राजभवन पहुंचे और विरोध-प्रदर्शन किया। राज्यपाल से मिलकर मांग की गई कि छात्रों और कांग्रेस नेताओं के साथ हुए अन्याय की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए। कमरुल होदा ने कहा कि कांग्रेस लगातार यह मांग कर रही है कि संसद में ऐसा सशक्त कानून बनाया जाए, जिससे भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लग सके और छात्रों का भविष्य सुरक्षित हो। साथ ही आंदोलन के दौरान छात्रों, युवाओं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर दर्ज सभी मुकदमे वापस लिए जाएं।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने सार्वजनिक रूप से घोषणा की कि गिरफ्तार छात्रों को रिहा किया जाएगा तथा आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों की मदद भी की जाएगी, लेकिन आज भी कई छात्र जेल में हैं। भागलपुर में करीब 50 लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया, 80 से अधिक छात्रों को गिरफ्तार किया गया और 400 से 500 अज्ञात लोगों को भी अभियुक्त बनाया गया। गरीब परिवार आज भी कोर्ट-कचहरी और वकीलों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और राज्य सरकार को अपने ही आदेशों का पालन सुनिश्चित करना चाहिए। यदि सरकार ने मुकदमे वापस लेने और छात्रों को राहत देने का आदेश जारी किया है तो उसका पालन भी होना चाहिए। उन्होंने भागलपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव से अपील की कि जिन छात्रों मामला दर्ज हुआ है, समीक्षा कर जल्द राहत दी जाए तथा निर्दोष छात्रों को जेल से रिहा कराया जाए। कांग्रेस विधायक ने कहा कि यदि सरकार की कथनी और करनी में अंतर रहा और अगले 15 दिनों के भीतर छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए गए तो कांग्रेस पूरे देश में बड़ा आंदोलन करेगी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम के नेतृत्व तथा राहुल गांधी के मार्गदर्शन में देशव्यापी आंदोलन चलाया जाएगा।
जेल से रिहा हुए छात्रों द्वारा जेल में आतंकवादियों जैसा व्यवहार किए जाने के सवालों पर उन्होंने कहा कि वे इसी सच्चाई की जांच करने भागलपुर आए हैं। वे जेल से बाहर आए छात्रों, अब भी जेल में बंद छात्रों के परिजनों तथा आंदोलन में घायल हुए युवाओं से मिलेंगे। कई छात्रों के हाथ-पैर टूटे, कई अस्पताल में भर्ती हुए कांग्रेस उनकी पूरी जानकारी जुटाकर शीर्ष नेतृत्व को विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी। कांग्रेस किसी भी तथ्य को बिना जांच के नहीं रखेगी छात्रों और अभिभावकों से मिलकर सभी शिकायतों का सत्यापन किया जा रहा है यदि जेल में अमानवीय व्यवहार या पुलिस की ज्यादती की पुष्टि होती है तो पार्टी इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाएगी। छात्र आंदोलन के दौरान असामाजिक तत्वों के शामिल होने के सवाल पर कमरुल होदा ने कहा कि यदि किसी असामाजिक तत्व की भूमिका रही है तो उसकी पहचान कर कार्रवाई करना सरकार और पुलिस का दायित्व है। निर्दोष छात्रों को प्रताड़ित करना किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में स्वीकार्य नहीं है उन्होंने कहा कि कांग्रेस छात्रों के अधिकारों और उनके भविष्य की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष जारी रखेगी।


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