दिल्ली में सांसद पप्पू यादव पर हमले का प्रयास लोकतांत्रिक व्यवस्था पर प्रहार - रिंकू यादव

पूर्णिया: पूर्णिया के कांग्रेस नेता जवाहर किशोर उर्फ़ रिंकू यादव ने सांसद पप्पू यादव के दिल्ली निवास पर हुए जानलेवा हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि लोकतंत्र में किसी सांसद पर इस प्रकार का हमला केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सीधा प्रहार है। उन्होंने कहा कि चार लोगों का खुलेआम चाकू लेकर सांसद पप्पू यादव पर हमला करने पहुंच जाना और मीडिया के कैमरों के सामने इस तरह की दुस्साहसिक घटना को अंजाम देने का प्रयास करना दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली, निष्क्रियता और सुरक्षा व्यवस्था की घोर विफलता को उजागर करता है। इससे भी अधिक गंभीर बात यह है कि सोशल मीडिया पर सांसद पप्पू यादव का सिर काटकर लाने वाले को इनाम देने जैसी खुली धमकियां दी जा रही हैं। आखिर इन अपराधियों को इतनी हिम्मत कौन दे रहा है? इनके मनोबल को बढ़ाने वाले लोग कौन हैं?

जवाहर किशोर ने कहा कि सांसद पप्पू यादव छः बार के सांसद रहे हैं और वे पहले भी सार्वजनिक रूप से अपनी जान को खतरा होने की बात कह चुके हैं। इसके बावजूद उनकी सुरक्षा को लेकर पर्याप्त गंभीरता नहीं बरती गई। यह केंद्र सरकार, गृह मंत्रालय और सुरक्षा एजेंसियों की जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। उन्होंने कहा कि क्या विपक्ष के नेताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी नहीं है? क्या देश की खुफिया एजेंसियां और इंटेलिजेंस तंत्र पूरी तरह निष्क्रिय हो चुके हैं? यदि पहले से खतरे की जानकारी थी तो सुरक्षा व्यवस्था क्यों नहीं बढ़ाई गई? लोकतंत्र में ऐसा दोहरा रवैया किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।

कांग्रेस प्रवक्ता ने केंद्रीय गृह मंत्री से मांग की कि इस पूरे मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए हमले और जान से मारने की धमकियों की निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषियों को अविलंब गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए तथा सांसद पप्पू यादव की सुरक्षा की उच्चस्तरीय समीक्षा कर आवश्यक सुरक्षा मानक तत्काल लागू किए जाएं। लोकतंत्र में जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा से समझौता किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।

  

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