सम्राट चौधरी या तेजस्वी यादव? किसके साथ जाना पसंद करेंगे पीके, किया साफ...

पटना: राजधानी पटना के बाकीपुर विधानसभा सीट पर उप चुनाव में बड़ा फेरबदल हुआ और भाजपा के गढ़ में प्रशांत किशोर ने सेंधमारी की और बड़ी जीत दर्ज की। प्रशांत किशोर की जीत के बाद अब जन सुराज दावा कर रही है कि अब पूरे बिहार में बदलाव होगा। वहीं अब यह भी कयास लगाया जा रहा है कि प्रशांत किशोर बहुत जल्दी पक्ष या विपक्ष के किसी दल के साथ समझौता कर लेंगे। हालांकि फिलहाल मीडिया से बात करते हुए उन्होंने इससे साफ इंकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह अपने राजनीतिक सिद्धांतों से समझौता करने के बजाय हार स्वीकार करना पसंद करेंगे। 

प्रशांत किशोर ने कहा कि अगर राजनीतिक परिस्थितियां ऐसी बनती हैं कि उन्हें सम्राट चौधरी या तेजस्वी यादव में से किसी एक के साथ जाना पड़े, तो वह ऐसा नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि अगर यही करना होता तो वह पहले ही उनके साथ होते। प्रशांत किशोर ने बांकीपुर के चुनाव परिणाम को सिर्फ अपनी जीत नहीं बल्कि जनता के फैसले के तौर पर पेश किया। उन्होंने बीजेपी की हार को पार्टी की रणनीतिक गलतियों और राजनीतिक अहंकार से जोड़ते हुए कहा कि जनता को हल्के में लेना किसी भी दल के लिए भारी पड़ सकता है। उन्होंने दावा किया कि बिहार की जनता अब केवल बड़े नेताओं के चेहरे या पुराने राजनीतिक समीकरणों के आधार पर वोट नहीं करेगी। अगर मतदाताओं को बेहतर विकल्प दिखाई देता है तो वे अपना फैसला बदलने से पीछे नहीं हटेंगे।

प्रशांत किशोर ने बीजेपी को लेकर कहा कि पार्टी को यह नहीं मान लेना चाहिए कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चेहरा ही हर चुनाव में जीत की गारंटी है। इसी तरह लालू यादव के नाम या उनके डर के आधार पर भी हमेशा वोट हासिल नहीं किया जा सकता। उनके मुताबिक, मतदाता अब अपने स्थानीय मुद्दों और उम्मीदवार को भी महत्व दे रहे हैं। बांकीपुर का परिणाम इसी बदलाव का उदाहरण है, जहां उन्होंने जातीय समीकरणों से अलग होकर वोट मिलने का दावा किया। प्रशांत किशोर ने चुनाव प्रचार के दौरान नेताओं की ओर से दिए गए कुछ बयानों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब यह संदेश जाता है कि किसी को भी उम्मीदवार बना देने के बावजूद चुनाव जीता जा सकता है, तो इससे जनता के स्वाभिमान को चोट पहुंचती है।

  

Related Articles

Post a comment