बिहार सूचना आयोग ने माना रिक्त पदों की वजह से नहीं हो रहे मामले का निपटारा, छात्र राजद के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष ने...

मुजफ्फरपुर: बिहार सूचना आयोग में लगातार बढ़ते लंबित मामलों, सूचना आयुक्तों के रिक्त पदों तथा आम लोगों को सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत समय पर न्याय नहीं मिलने के मुद्दे को लेकर अब आवाज तेज हो गई है। छात्र राजद के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष, सामाजिक एवं आरटीआई कार्यकर्ता अमरेन्द्र कुमार द्वारा उठाए गए सवालों के बाद बिहार सूचना आयोग ने आधिकारिक रूप से स्वीकार किया है कि सूचना आयुक्तों की नियुक्ति की प्रक्रिया सामान्य प्रशासन विभाग एवं राज्यपाल सचिवालय के स्तर से संचालित होती है और रिक्त पदों पर नियुक्ति को लेकर विभागीय कार्रवाई प्रक्रियाधीन है।

मुजफ्फरपुर जिले के मीनापुर प्रखंड निवासी अमरेन्द्र कुमार ने बिहार सूचना आयोग में लंबित अपील और शिकायत मामलों के त्वरित निष्पादन, आयोग में रिक्त पड़े पूर्णकालिक सूचना आयुक्तों की शीघ्र नियुक्ति, पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध कराने तथा तकनीकी ढांचे को मजबूत करने की मांग को लेकर आवेदन दायर किया था। इस आवेदन के जवाब में बिहार सूचना आयोग, पटना के संयुक्त सचिव डॉ संजय कुमार द्वारा पत्र जारी कर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई है। आयोग द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि राज्य मुख्य सूचना आयुक्त एवं राज्य सूचना आयुक्तों की नियुक्ति की प्रक्रिया महामहिम राज्यपाल एवं सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार सरकार के स्तर से संपन्न कराई जाती है। साथ ही आयोग ने यह भी स्वीकार किया कि आयोग में लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए राज्य सूचना आयुक्त एवं अन्य सहयोगी पदों पर नियुक्ति हेतु सामान्य प्रशासन विभाग को अनुरोध भेजा गया है।

इस जवाब ने बिहार सूचना आयोग की मौजूदा स्थिति को उजागर कर दिया है। जानकारी के अनुसार आयोग में हजारों मामले वर्षों से लंबित पड़े हैं, जिससे आम लोगों को सूचना पाने के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है। कई मामलों में सुनवाई की तारीख महीनों बाद मिलती है, जबकि सूचना का अधिकार अधिनियम पारदर्शिता और समयबद्ध सूचना उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाया गया था। आरटीआई कार्यकर्ता अमरेन्द्र कुमार ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि सूचना आयोग में पर्याप्त आयुक्तों और कर्मचारियों की कमी के कारण आम जनता को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि जब तक पुराने लंबित मामलों का निष्पादन नहीं हो जाता और नए सूचना आयुक्तों की नियुक्ति नहीं कर दी जाती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।

उन्होंने बिहार सरकार से मांग की कि सूचना आयोग को मजबूत करने के लिए अविलंब रिक्त पदों पर नियुक्ति की जाए, तकनीकी संसाधन बढ़ाए जाएं तथा लंबित मामलों के निष्पादन के लिए विशेष अभियान चलाया जाए ताकि आम जनता को समय पर सूचना और न्याय मिल सके। अमरेन्द्र कुमार ने कहा कि सूचना का अधिकार लोकतंत्र का मजबूत हथियार है और यदि सूचना आयोग ही संसाधनों के अभाव में कमजोर रहेगा तो आम लोगों का अधिकार प्रभावित होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द नियुक्ति नहीं हुई और लंबित मामलों का निष्पादन नहीं किया गया तो आगे जन आंदोलन भी किया जाएगा।

मुजफ्फरपुर से रूपेश कुमार की रिपोर्ट

  

Related Articles

Post a comment