लालू जी की बेटी हूं, घुटने नहीं टेकूंगी..., रोहिणी ने एक बार फिर राजद की कार्यशैली पर खड़ा किया सवाल

पटना: बिहार की राजनीति में एक तरफ बाकीपुर विधानसभा सीट पर उप चुनाव को लेकर गहमागहमी काफी तेज है तो दूसरी तरफ राजद के अंदर एक बार फिर खींचतान की बात सामने आई है। इस बार राजद के विरुद्ध आवाज उठाने वाला कोई विरोधी दल का नेता नहीं बल्कि राजद सुप्रीमो लालू यादव की बेटी एवं सारण लोकसभा की पूर्व प्रत्याशी रोहिणी आचार्य हैं। रोहिणी आचार्य ने पार्टी के सारण जिला प्रवक्ता हरेलाल यादव को पार्टी से निकाले जाने पर सोशल मीडिया के माध्यम से जोरदार हमला किया है। रोहिणी ने पार्टी के कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए।

अपने सोशल मीडिया पोस्ट में रोहिणी आचार्य ने लिखा है कि 'क्या पार्टी की भलाई के लिए सच बोलने, पार्टी के लिए मजबूती एवं ईमानदारी से काम करने वालों के लिए अब जगह नहीं बची है राष्ट्रीय जनता दल में? अनुशासनहीनता के झूठे आरोप गढ़ कर सारण के प्रवक्ता हरेलाल यादव का  छः वर्षों के लिए पार्टी से निष्कासन उन लोगों के द्वारा की गयी दुर्भाग्यपूर्ण कार्रवाई है, जो पार्टी को लगातार कमजोर कर रहे हैं। पार्टी में रहते हुए पार्टी और संगठन के साथ विश्वासघात कर रहे हैं ... सारण का पूरा जिला संगठन वैसे लोगों के कब्जे में है जो कहने को तो पार्टी में हैं, मगर हकीकत में विरोधियों के इशारे पर काम करते हैं, चुनाव में पार्टी विरोधी काम करते हैं .. सारण का हर एक विधायक, हर पार्टी पदाधिकारी पूरी तरह से निष्क्रिय है और जो लोग पार्टी की भलाई के लिए जनता के बीच जाते हैं, पार्टी से जुड़े लोगों - कार्यकर्ताओं - समर्थकों के सुख - दुःख को साझा करते हैं, उनको ही ये निष्क्रिय एवं साजिश करने वाले लोग टारगेट करते हैं।

संजय यादव या उसके ही जैसे लोगों पर सवाल उठाने वालों पर ही अगर कार्रवाई करनी है, तो सबसे पहले मुझ पर कार्रवाई करने की हिम्मत जुटाएं, मैं आज भी पार्टी में हूँ और पार्टी को संजय यादव, रमीज, सुनील सिंह जैसे लोगों के चुंगल से छुड़ाने के लिए लगातार अपनी आवाज उठा रही हूँ। आगे भी उठाती रहूँगी, मैं लालू जी की बेटी हूँ कभी गलत के सामने घुटने नहीं टेकूँगी और मेरा साथ देने वाले लोग भी किसी निष्कासन की कार्रवाई की परवाह किए बिना मेरे साथ मजबूती से खड़े ही रहेंगे  .. फिर से दुहराती हूँ नाहक ही किसी निर्दोष, ईमानदार, जमीनी कार्यकर्त्ता , जिला स्तर के किसी पदाधिकारी को टारगेट किया जाना सरासर गलत और पार्टी के हित में नहीं है।

  

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