जिलाधिकारी ने विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान की तैयारियों की समीक्षा की : कहा 'कोई भी मतदाता छूटे नहीं...'

मुज़फ्फरपुर: जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिला पदाधिकारी कुमार गौरव द्वारा सभी निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों तथा सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों के साथ विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान की तैयारियों की समीक्षा की गई। बैठक में डीएम ने पदाधिकारियों को भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। ज़िलाधिकारी ने कहा कि योग्य मतदाताओं के पंजीकरण को सुविधाजनक ढंग से सुनिश्चित करने हेतु विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान संचालित किया जा रहा है। इसके लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा अर्हता तिथि 01 जनवरी, 2027 निर्धारित की गई है।

ज़िलाधिकारी ने कहा कि वे सभी भावी मतदाता जो 1 जनवरी 2027 को पात्र हो रहे हैं मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने हेतु आवेदन दे सकते हैं। साथ ही वे जो बाद की तीन अर्हता तिथियों अर्थात 01.04.2027, 01.07.2027 और 01.10.2027 को पात्र होंगे, मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने हेतु अग्रिम आवेदन भी दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस पुनरीक्षण का मुख्य उद्देश्य निर्वाचक सूची को स्वच्छ, शुद्ध, त्रुटिरहित एवं अद्यतन बनाना है, ताकि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित न रहे तथा अपात्र अथवा त्रुटिपूर्ण प्रविष्टियों का नियमानुसार निराकरण किया जा सके।

उप निर्वाचन पदाधिकारी, मुजफ्फरपुर सत्यप्रिय कुमार ने भारत निर्वाचन आयोग के आदेशों एवं प्रावधानों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि आयोग द्वारा अर्हता तिथि 01 जनवरी, 2027 के आधार पर निर्वाचक सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण का कार्यक्रम निम्नवत निर्धारित किया गया है: 

  • समेकित प्रारूप निर्वाचक नामावली का प्रकाशन: 12 नवंबर, 2026.
  • दावा एवं आपत्ति दाखिल करने की अवधि: 12 नवंबर से 11 दिसंबर, 2026 तक.
  • दावा एवं आपत्तियों का निष्पादन: 28 दिसंबर, 2026 तक. निर्वाचक सूची का अंतिम प्रकाशन: 04 जनवरी, 2027

ज़िलाधिकारी ने कहा कि विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अवधि के दौरान अर्हता प्राप्त कोई भी व्यक्ति निर्वाचक सूची में अपना नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, निर्वाचक सूची में दर्ज किसी भी प्रकार की गलत प्रविष्टि के विरुद्ध नियमानुसार आपत्ति भी दर्ज कराई जा सकती है। इसके लिए विभिन्न प्रकार के आवेदन प्रपत्र निर्धारित किए गए हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा फार्म भरने की प्रक्रिया को भी काफी सरल कर दी गयी है। फार्म-6 नया मतदाता बनने के लिए, फार्म-6क भारत से बाहर रहने वाले प्रवासी निर्वाचकों के पंजीकरण के लिए, फार्म-7 निर्वाचक सूची से नाम हटाने के लिए एवं फार्म-8 पता परिवर्तन, पीडब्ल्यूडी चिह्नीकरण, मतदाता सूची में संशोधन या अपने ईपिक में बदलाव करने के लिए प्रयोग किया जा सकता है। जन्म तिथि प्रमाण, सामान्य निवास स्थान तथा फोटोग्राफ्स के आधार पर कोई भी योग्य नागरिक ईसीआइनेट के माध्यम से घर बैठे सारी सुविधा प्राप्त कर सकते हैं।

जिलाधिकारी ने कहा कि योग्य मतदाताओं को सहायता के लिए सम्पूर्ण निर्वाचन तंत्र तत्पर है। अधिकारियों द्वारा जिला में निर्वाचन साक्षरता, पंजीकरण तथा निर्वाचन प्रक्रिया से संबंधित स्वीप गतिविधि के तहत विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। मतदाताओं को निर्वाचन सूची में पंजीकरण के लिए प्रयुक्त होने वाले विभिन्न प्रपत्रों तथा प्रक्रिया की जानकारी दी जाती है। सभी प्रपत्रों में ऑन-लाईन आवेदन हेतु ईसीआईनेट ऐप का प्रयोग किया जा सकता है। ऑफलाईन आवेदन हेतु जिला निर्वाचन कार्यालय, अनुमण्डल निर्वाचन कार्यालयों, प्रखंड विकास पदाधिकारियों तथा बीएलओ से सम्पर्क किया जा सकता है। साथ ही मतदाता हेल्पलाईन 1950 का प्रयोग कर पंजीकरण से संबंधित अन्य जानकारी भी प्राप्त की जा सकती है।

प्रपत्र-7 के माध्यम से प्राप्त प्रत्येक आपत्ति के संदर्भ में निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ERO) अथवा सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (AERO) के स्तर से नोटिस जारी किया जाएगा तथा संबंधित व्यक्ति को नोटिस का तामिला सुनिश्चित किया जाएगा। निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी एवं सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी द्वारा नोटिस निर्गत करने तथा समुचित आदेश पारित करने के बाद ही प्रारूप निर्वाचक सूची से किसी नाम को हटाया जा सकेगा। इस प्रक्रिया में निर्धारित कानूनी प्रावधानों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी के किसी निर्णय से व्यथित कोई भी मतदाता जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 24 के अंतर्गत 15 दिनों के भीतर जिला निर्वाचन पदाधिकारी के समक्ष अपील दायर कर सकता है। इसी प्रकार, जिला निर्वाचन पदाधिकारी के निर्णय से असंतुष्ट मतदाता उक्त अधिनियम की धारा 24 के अंतर्गत 30 दिनों के भीतर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के समक्ष अपील कर सकता है। राजनीतिक दलों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ स्तरीय अभिकर्ताओं (BLA) को मतदाताओं से भरे हुए आवेदन प्रपत्र एकत्र करने एवं प्रतिदिन प्रति बीएलए अधिकतम 10 आवेदन (प्रपत्र-6, 7 एवं 8) जमा करने की अनुमति दी गई है। यद्यपि बीएलओ द्वारा आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप दावाकर्ता अथवा आपत्तिकर्ता के पते पर जाकर प्रत्येक आवेदन में अंकित तथ्यों की जांच एवं सत्यापन किया जाएगा। यदि कोई बीएलए दावा एवं आपत्ति दाखिल करने की पूरी अवधि के दौरान 30 से अधिक आवेदन प्रस्तुत करता है, तो ऐसे आवेदनों का पुनः सत्यापन स्वयं निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी अथवा सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी द्वारा किया जाएगा।

आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार पुनरीक्षण कार्यक्रम की अवधि में कोई भी व्यक्ति किसी निर्वाचक की प्रविष्टि अथवा किसी आवेदक के आवेदन के विरुद्ध अधिकतम 10 प्रपत्र-7 दाखिल कर सकता है। वहीं, सतत अद्यतीकरण अवधि में इसकी अधिकतम सीमा 05 प्रपत्र निर्धारित है। विदित हो कि सम्पूर्ण जिला में 4,186 मतदान केंद्रों पर 4,186 बीएलओ कार्यरत हैं। 11 निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ईआरओ) एवं 74 सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (एईआरओ) है।

  

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